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अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' kesari  बॉक्स ऑफिस पर लगातार कमाल कर रही है. फिल्म रिलीज के एक ही हफ्ते में 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है. फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन से बॉक्स ऑफिस पर कमाल करना शुरू कर दिया था.  कुल 21.06 करोड़ की कमाई के साथ 'केसरी' साल की पहली सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई थी.दूसरे दिन फिल्म kesari  की कमाई में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन तीसरे और चौथे दिन फिल्म ने फिर रफतार पकड़ी और फिल्म ने पहले वीकेंड में 78.07 करोड़ की शानदार कमाई की. हालांकि, वर्किंग डेज होने के चलते सोमवार को फिल्म की कमाई में भारी गिरावट आई है.

इस फिल्म ने 2019 के चार बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किया कर लिए हैं-

 

 

पहला रिकॉर्ड- पहले दिन 21.06 करोड़ की कमाई के मामले में ये फिल्म 2019 की सबसे बड़ी फिल्म होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है.

 

 

दूसरा रिकॉर्ड- इस फिल्म ने तीन दिनों में 50 करोड़ कमाई का आंकड़ा पार करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है. इस साल की रिलीज हुई कोई भी फिल्म तीन दिनों में इतना नहीं कमा पाई है.

 

 

तीसरा रिकॉर्ड- केसरी ने चार दिनों में 75 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. 2019 के लिए ये भी नया रिकॉर्ड है.

 

 

चौथा रिकॉर्ड- इस फिल्म ने ओपेनिंग वीकेंड में सबसे ज्यादा कमाई का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. फिल्म गुरुवार को रिलीज हुई. चार दिनों के ओपेनिंग वीकेंड में केसरी ने 78.07 करोड़ कर चुकी है.

क्या है फिल्म की कहानी?

 

 

ये फिल्म वर्ष 1897 के ऐतिहासिक सारागढ़ी के युद्ध पर आधारित है. 'केसरी' को भारतीय इतिहास ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई माना जाता है. इसमें सिख सैनिकों ने सारागढ़ी किला बचाने के लिए पठानों से अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी थी. इस युद्ध में 36 सिख रेजिमेंट के 21 जवानों ने 10 हजार अफगान सैनिकों को धूल चटा दी थी.

 

 

अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है और फैंस इसकी तारीफ करते नहीं थक रहे. यदि आपने भी अभी तक फिल्म नहीं देखी है और देखने पर विचार कर रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि आखिर क्यों आपको इस फिल्म को बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए.

 

 

 

 

 

 

 

 

'केसरी' देखने से पहले जानिए सारागढ़ी युद्ध की असली कहानी, जब 10 हजार अफगानी सैनिकों से भिड़े थे 21 सिख

 

 

 

IPL 2019 में ईडेन गार्डन्स में खेले गए मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने किंग्स इलेवन पंजाब को 28 रन से मात दे दी. इस मैच में एक प्लेयर पर सबका निगाहें टिकी हुई थीं. यह प्लेयर था किंग्स इलेवन पंजाब का गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती. IPL 2019 का सबसे महंगा खिलाड़ी.

 

IPL 2019 के लिए सबसे महंगे बिके वरुण चक्रवर्ती के डेब्यू का पहला ओवर बेहद निराशाजनक रहा. किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान आर. अश्विन ने ईडन गार्डन्स पर दूसरे छोर से इस नए गेंदबाज से आक्रमण की शुरुआत कराई, लेकिन आगे जो भी हुआ उसे यह लेग स्पिनर कभी याद नहीं करना चाहेगा.

नीतीश राणा वरुण चक्रवर्ती के पहले शिकार

वरुण चक्रवर्ती ने हार नहीं मानी और जोरदार बल्लेबाजी कर रहे नीतीश राणा (63 रन, 34 गेंद, 7 छक्के, 2 चौके) को मयंक अग्रवाल के हाथों कैच करा दिया और आईपीएल का अपना पहला विकेट हासिल किया और इस ओवर में महज एक रन (0 0 W 0 0 1) खर्च कर अपना 'ड्रीम' विकेट निकाला. आखिरकार मैच में उनका गेंदबाजी विश्लेषण रहा- 3-0-35-1.

 

सुनील नरेन ने कर दिया बुरा हाल

दरअसल, उस एक ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने 25 रन लुटाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से पारी की शुरुआत करने आए सुनील नरेन ने वरुण चक्रवर्ती की पांच गेंदों पर 24 रन ठोक डाले, जिनमें उनके 3 छक्के शामिल रहे.

आईपीएल 2019 के लिए सबसे महंगे बिके वरुण चक्रवर्ती के डेब्यू का पहला ओवर बेहद निराशाजनक रहा. किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान आर. अश्विन ने ईडन गार्डन्स पर दूसरे छोर से इस नए गेंदबाज से आक्रमण की शुरुआत कराई, लेकिन आगे जो भी हुआ उसे यह लेग स्पिनर कभी याद नहीं करना चाहेगा.

सुनील नरेन ने कर दिया बुरा हाल-दरअसल, उस एक ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने 25 रन लुटाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से पारी की शुरुआत करने आए सुनील नरेन ने वरुण चक्रवर्ती की पांच गेंदों पर 24 रन ठोक डाले, जिनमें उनके 3 छक्के शामिल रहे.

TNPL में भी इतनी बेरहमी से नहीं पिटे थे-वरुण चक्रवर्ती अपने छोटे से क्रिकेट करियर में पहली बार इतनी बरहमी पिटे. तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में भी उनका ये हश्र नहीं हुआ था. इस लीग में उनकी सबसे महंगी गेंदबाजी 4 ओवर में 28 रन है. लेकिन उन्हें आईपीएल के एक ही ओवर में 25 रन देने पड़ गए.

अश्विन ने कायम रखा भरोसा-कप्तान अश्विन ने वरुण चक्रवर्ती पर अपना विश्वास बनाए रखा. उन्हें दोबारा 7वें ओवर में लाया गया. उनके उस ओवर में 2 चौके समेत 9 रन बने. उन्हें फिर आक्रमण से हटाया गया. इसके बाद उन्हें एक और मौका मिला. 15वें ओवर में तो उन्होंने कमाल कर दिखाया.

 

2019 के लिए नीलामी में उनादकट के साथ सबसे महंगे

27 साल के तमिलनाडु के लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने आईपीएल 2019 के लिए नीलामी में धूम मचा दी थी, जब इस 'मिस्ट्री स्पिनर' पर मोटी बोली लगी. उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब ने 8.40 करोड़ रुपये में खरीदा. उनका बेस प्राइस महज 20 लाख रुपये था. उधर, तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट पर भी 8.40 करोड़ रुपये की बोली लगी थी, जिन पर राजस्थान रॉयल्स ने दांव खेला.

वरुण चक्रवर्ती ने तमिलनाडु की तरफ से अब तक एक ही फर्स्ट क्लास मैच खेला है. इसी साल नवंबर में हैदराबाद के खिलाफ पहले मैच में उन्हें एक ही सफलता मिली. इसके अलावा उन्होंने लिस्ट-ए (घरेलू वनडे) के 9 मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 22 विकेट निकाले हैं.

वरुण चक्रवर्ती ने 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया, और 17 की उम्र तक विकेटकीपर-बल्लेबाज रहे. एज ग्रुप क्रिकेट में कई बार खारिज कर दिए गए. बाद में उन्होंने खेलना ही छोड़ दिया और चेन्नई में एसआरएम विश्वविद्यालय से वास्तुकला (Architecture) में डिग्री हासिल की.

पांच साल का पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद वरुण ने एक फ्रीलांस आर्किटेक्ट के रूप में काम शुरू किया. लेकिन उन पर टेनिस बॉल क्रिकेट खेलने का जुनून फिर से सवार हो गया. इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में क्रॉमबेस्ट क्रिकेट क्लब में शामिल हो गए.

लेकिन, दूसरे ही मैच के दौरान उन्हें घुटने में चोट लगी और इसके बाद उन्होंने स्पिनर बनने का मन बना लिया. 18 गज की पिचों पर टेनिस बॉल क्रिकेट में वरुण ने अपने प्रदर्शन से खुद को एक मिस्ट्री स्पिनर के तौर पर तब्दील कर लिया.

 

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बिहार महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच खींचतान अभी भी जारी है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीटों के बंटवारे पर दिल्ली में बैठक बुलाई है. वहीं बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आज होने वाली तीन रैलियों को स्थगित कर दिया है.

 

 

तेजस्वी यादव आज सुबह करीब 12 बजे जमुई के गांधी उच्च विद्यालय के झाझा मैदान में एक रैली को संबोधित करने वाले थे. वहीं दोपहर करीब 1.25 बजे बोरा पत्थर मैदान, बांका और 3.10 बजे राजेन्द्र स्टेडियम मैदान, कटिहार में रैली करने वाले थे.प्रचार स्थगित करने को लेकर कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव की तबियत खराब हो गई है इस कारण उन्होंने आज होने वाली रैली को कैंसिल कर दिया है.वहीं राहुल गांधी की बैठक को लेकर कयासों का दौर शुरू हो चुका है. राहुल गांधी की इस बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा, बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल समेत कई अन्य बड़े नेता शामिल हैं.बिहार में सभी सात चरणों में मतदान होंगे. पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा जबकि सातंवें और अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा. वोटों की गिनती 23 मई को होगी.

 सूत्रों के मुताबिक आरजेडी और कांग्रेस के बीच दरभंगा और सुपौल लोकसभा सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है. बता दें कि इस समय कीर्ति आजाद दरभंगा से सांसद हैं.कीर्ति आजाद कांग्रेस पार्टी में दरभंगा से चुनाव लड़ने की शर्त पर कांग्रेस में शामिल हुए थे.संभवतः आज शाम करीब 6 बजे महागठबंधन की होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द हो सकती है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीटों के एलान के साथ-साथ उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा होने वाली है.

 

 

 

 

1 अप्रैल से लिस्टेरड कंपनियों के शेयरों का ट्रांसफर सिर्फ इलेक्ट्रॉननिक फॉर्म में ही किया जा सकेगा. हालांकि जिन निवेशकों के पास फिजिकल फॉर्म में शेयर हैं, वे इसे रख सकेंगे. भारतीय प्रतिभूति एवं विनमय बोर्ड (सेबी) की ओर से कहा गया, ''निवेशकों के अपने पास शेयरों को फिजिकल रखने पर पाबंदी नहीं होगी. हालांकि, अगर कोई निवेशक फिजिकल रखे शेयरों को ट्रांसफर करना चाहता है तो 1 अप्रैल 2019 के बाद ऐसा शेयरों के डीमैट रूप में होने के बाद ही किया जा सकेगा.शेयरों को अनिवार्य रूप से डीमैट या इलेक्ट्रॉ निक रूप में ट्रांसफर का निर्णय मार्च 2018 में किया गया था. सेबी ने दिसंबर 2018 में इलेक्ट्रॉ निक शेयर ट्रांसफर की समयसीमा बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दी थी. अब सेबी ने इस समयसीमा को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय किया गया है. यानि यह नियम 1 अप्रैल 2019 से लागू होगा.  सेबी का कहना है कि डीमैट फॉर्म में शेयरों की खरीद-बिक्री से कंपनियों की शेयरहोल्डिंग का रिकॉर्ड पारदर्शी होगा.  इसके अलावा कंपनियों के स्वामित्व को लेकर विवाद में कमी आएगी.

वहीं सेबी ने सरकार को पंजाब नेशनल बैंक के शेयरधारकों के लिये खुली पेशकश लाने से छूट दे दी.  हालांकि, नियामक ने पूंजी डाले जाने के बाद बैंक में गैर-सार्वजनिक शेयर होल्डिंग में कटौती का निर्देश दिया. बता दें कि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने फरवरी में केंद्र सरकार की तरफ से आवेदन देकर अधिग्रहण नियमन के तहत जरूरी खुली पेशकश से छूट देने की मांग की थी. सेबी नियमों के तहत अगर किसी इकाई की हिस्सेदारी एक निश्चित सीमा से अधिक हो जाती है तो उसे खुली पेशकश करने की आवश्यकता होती है. पीएनबी में पूंजी डाले जाने के बाद सरकारी हिस्सेदारी 5.19 फीसदी बढ़ेगी और यह 75.41 फीसदी हो जाएगी.

शेयरों का फिजिकल फॉर्म- पहले किसी कंपनी के शेयर खरीदने पर निवेशकों को शेयर प्रमाण पत्र दिया जाता था. इसे ही फिजिकल शेयर कहते हैं, यह प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होती है. लेकिन फिजिकल शेयर को डीमैट फॉर्म में बदलने के लिए निवेशकों को पहले एक डीमैट अकाउंट ओपन करवाना होगा. डीमैट अकाउंट ओपन करवाते वक्तप निवेशक को अपनी जानकारियां देनी होगी. डीमैट अकाउंट ओपन होने के बाद उन्हें हर शेयर के लिए डीमैट रिक्वेस्ट फॉर्म भरना होगा.  इसके बाद उनका फिजिकल शेयर डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर होंगे.

 

 

 

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