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ये है 'VVIP' पेड़, हर साल होते हैं 12, 00,000 रुपये खर्च

14 July 2017
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भोपाल: एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आपको पता होना चाहिए कि आपके टैक्स का पैसा कहां जा रहा है। लोकतंत्र हमको ये सब जानने की सुविधा भी देता है। और ऐसा ही कुछ है जो सबको जानना चाहिए। जी हां मध्य प्रदेश के सलमतपुर में लगे एक पीपल के पेड़ को जिंदा रखने के लिए शिवराज सरकार हर साल 12 लाख रुपए खर्च करती है।

- यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल में शामिल सांची स्तूप से 5 किलोमीटर की दूरी पर लगा यह पीपल का पेड़ देश का संभवत: पहला वीवीआईपी पेड़ है।

- पेड़ की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने चार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की है जो 24 घंटों इस पेड़ की निगरानी करते हैं। इस पेड़ की सुरक्षा में लगे एक सुरक्षाकर्मी, परमेश्वर तिवारी ने बताया, 'मैं यहां '2012 से तैनात हूं। यहां कुल चार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। पहले इस पेड़ को देखने को काफी लोग आते थे लेकिन अब कुछ ही लोग आते हैं।

- इस पेड़ को 5 साल पहले भारत दौरे पर आईं श्रीलंका की पूर्व राष्ट्रपति महिन्द्रा राजपक्षे अपने साथ लेकर आईं थी। इस पेड़ को उन्होंने ही लगाया था।

- इस वीवीआईपी पेड़ में पानी देने के लिए सरकार ने एक अलग से पानी की टंकी बनाई है। साथ ही इस पेड़ की देखरेख के लिए कृषि विभाग से समय-समय पर एक वनस्पति-वैज्ञानिक भी आते हैं जो इस पेड़ के स्वास्थय को जांचते हैं।

- सांची स्थित भारतीय महाबोधि सोसाइटी के सदस्य भंटे चंदारतन ने बताया, '300 ईसा पूर्व पवित्र बोधि पेड़, जिसके नीचे बैठकर गौतम बुद्ध को सत्य की प्राप्ति हुई थी, की एक शाखा भारत से श्रीलंका ले जाया गया था जिसे अनुरुद्धपुरा में लगाया गया था। महिंद्रा राजपक्षे 5 साल पहले इसी पेड़ की एक शाखा अपने साथ भारत लेकर आईं जिसे उन्होंने यहां लगाया।'

- एसडीएम वरुण अवस्थी ने बताया, 'हमने पेड़ की सुरक्षा और उसे समय-समय से पानी देने के लिए चार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। यह पूरा पहाड़ी इलाका बौद्ध विश्वविद्यालय को आवंटित किया जा चुका है। साथ ही इस पूरे इलाके को बौद्ध-सर्किट के तौर पर विकसित किया जा रहा है।'

 

 

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