“दिल का हाल सुने दिलवाला”, कॉर्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की एक खूबसूरत पहल

11 July 2017
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नई दिल्ली(11 जुलाई): कहते हैं डॉ दुनिया में दूसरे भगवान होते हैं, सच भी है। भगवान के बाद डॉ ही हमें नया जीवन देते हैं। भारत की प्रसिद्ध  संस्था कॉर्डियोलोजी सोसाइटी ऑफ इंडिया,  दिल के मरीजों के लिये एक ऐसा स्पेशल कैम्पेन करने जा रही है जिससे डॉ और मरीज के रिश्तों की एक नई तस्वीर सामने आयेगी। ये एक पब्लिक एजुकेशन प्रोग्राम है जिसे देश के विभिन्न प्रसिद्ध अस्पतालो में काम कर रहे कॉर्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियंस सीएसआई के माध्यम से मिल कर आयोजित करेंगे।

कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) भारत की सबसे पुरानी और रेपुयुटेटेड सोसाइटी है, ऐशिया पैसिफिक में इसका दूसरा स्थान है। इसकी स्थापना अमेरिकन कॉलेज ऑफ कॉर्डियोलॉजी एंड द इंटरनैशन सोसाइटी एंड फेडरेशन ऑफ कॉर्डियोलॉजी से एक साल पहले 4 अप्रैल 1948 को हुई थी।

एम्स के कॉर्डियोलोजिस्ट विभाग के प्रोफेसर संदीप मिश्रा ने लीड इंडिया को बताया कि “दिल का हाल सुने दिलवाला” एक बहुत खास कैम्पेन है जिसके माध्यम से वो मरीज अपनी स्टोरीज़ शेयर करेंगे जिन्होंने दिल की बीमारियों की गम्भीर समस्या को झेला। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोग जानेंगे कि किस तरह उन्हे फास्ट और पर्फेक्ट ट्रीटमेंट मिला। इनकी कहानियां कई मरीजो को हौसला देंगी।

हमारा मकसद ऐसे मरीजों की कहानियों को शेयर करना है जिन्होंने दिल की बीमादियो का बेहतर इलाज पाया है और आज एक स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम डॉक्टर और मरीज के बीच कमजोर हो रहे रिश्तो को एक बार फिर से गर्म जोशी से भरना चाहते हैं।

डॉ0 संदीप मिश्रा ने बताया कि इस कैम्पेन के लिये हमने स्टोरी टेलिंग की विधा को चुना, क्योंकि कहानी भारतीय जीवन शैली का अभिन्न हिस्सा हैं कहानियों से हम बड़ी से बड़ी सीख सरल तरीके से ले लेते हैं। इन कहानियों से ना सिर्फ अवेयरनेस होगी बल्कि डॉ और मरीज के रिश्तों को भी नया विश्वास मिलेगा।

डॉ संदीप मिश्रा ने बताया की हम मीडिया और सोशल नेटवर्क के माध्यम से ऐसे मरीजों की स्टोरीज कलेक्ट करेंगे जिन्होंने  ह्रदय संबंधी बिमारियों का इलाज कराया है और आज एक स्वस्थ और अच्छा जीवन जी रहे हैं इसके लिए सीएसआई ने एक ई-मेल आईडी भी जारी की है, हार्ट का ट्रीटमेंट करवा चुके मरीज हमें अपनी कहानी ई-मेल के द्वारा भेज सकते हैं, इन कहानियों में से तीन बेहतरीन कहानियों को पुरस्कृत भी किया जायेगा, हमारा ई-मेल है This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.

संवाददाता: विशाल राघव

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