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नई दिल्ली (8 जुलाई) अगर कंपनियां और दुकानदार जीएसटी लागू होने के बाद घटी हुई कीमतों का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाते हैं या फिर जीएसटी के नाम पर बेवकूफ बनाने की कोशिश करते हैं तो इसके लिए उन्हें एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है या फिर जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को इस बारे में बताते हुए कहा कि सरकार ने पुराना माल बेचने के लिए सितंबर तक का समय दिया है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सभी सामान पर बड़ी हुई या फिर घटी हुई कीमतें नए स्टीकर के साथ लगाई जाएं ताकि ग्राहकों को साफ-साफ ही पता चल सके कि किसी चीज की कीमत जीएसटी के बाद कितनी बढ़ी या घटी है. पासवान ने कहा कि अगर किसी चीज की MRP जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ी है तो फिर इसके लिए कम से कम दो अखबारों में विज्ञापन छापना होगा और साथ ही नया स्पीकर लगा कर इसे बेचना होगा. ग्राहकों के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं हो इसीलिए सरकार सख्ती से इस कानून को लागू करेगी.

अगर कोई इस नियम का पालन नहीं करता है तो पहले ही बार उसे 25000 रुपए का जुर्माना दूसरी बार 50000 रुपए का जुर्माना और तीसरी बार एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है और इसके साथ ही 1 साल की जेल भी हो सकती है.

जीएसटी के बारे में लोगों की शिकायतों के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खास तौर पर हेल्पलाइन शुरू की है जिसका नंबर 14404 है. पासवान ने बताया कि हेल्पलाइन शुरू होने के बाद अभी तक 700 से ज्यादा लोगों ने इस पर पूछताछ की है. जीएसटी के बारे में लोगों को पूरी जानकारी देने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से भी मदद मांगी है. रामविलास पासवानने कहा कि जीएसटी के शुरुआती कुछ दिनों में थोड़ी बहुत मुश्किल हो सकती है लेकिन इसके बारे में किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए और ग्राहकों के हितों की रक्षा करने के लिए उनका मंत्रालय तत्पर है.

1 जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू होने के बाद तमाम चीजों की कीमतों पर फर्क पड़ा है. लेकिन सरकार ने पुराना स्टॉक बेचने के लिए कंपनियों और दुकानदारों को 30 सितंबर तक का समय दिया हुआ है.

नई दिल्ली (7 जुलाई): रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अन ऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन को लेकर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। RBI ने बैंकों को आदेश दिया है कि अन ऑथराइज्ड इलेक्ट्रानिक ट्रांजेक्शन होने पर ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। RBI ने अपने आदेश में कहा है कि अगर कोई भी शख्स किसी अनाधिकृत लेनदेन का शिकार हो जाता है और तीन दिनों के भीतर ग्राहक बैंकों को जानकारी दे देता है तो उसे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। साथ ही RBI ने बैंको से कहा है कि ट्रांजेक्शन की पूरी रकम बैंक ग्राहकों के खाते में 10 दिनों के भीतर क्रेडिट कर दे।

साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा है कि अगर ग्राहक बैंक को अपने साथ हुए फ्रॉड की सूचना 4 से 7 दिनों के भीतर देता है तो उसे 25,000 रुपये तक का भार उठाना होगा।

इसके साथ ही RBI ने कहा है कि अगर ग्राहक अपने साथ हुए फ्रॉड की सूचना बैंक को नहीं देता है और नुकसान खाताधारक की गलती से पासवर्ड़ शेयर करने या अन्य कारण से हुआ तो ग्राहक को होने वाले नुकसान का जिम्मेदार ग्राहक खुद होगा।

नई दिल्ली (12 अप्रैल): आईएसआई के एक अधिकारी की रिहाई पर सौदेबाजी के लिए पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। आईएसआई का यह अधिकारी हबीब जाहिर भारत से लगी नेपाल सीमा पर भारत के खिलाफ षडय़ंत्रों में शामिल रहा है। हाल ही में भारतीय सुरक्षाबलों की चौकियों में आग लगाने की घटनाओँ में आईएसआई की भूमिका सामने आयी थी। ऐसा माना जा रहा हैं कि आईएसआईएस के इस खुफिया अधिकारी को भारतीय ऐजेंसियों ने 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी को गुप्त रखा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हबीब जाहिर ही वो अफसर है जिसनेमार्च 2016 में भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव ईरान से अपहरण किया था। और उसे पाकिस्तान लेकर पहुंचा था।  इसलिए यह माना जा रहा है कि हबीब जाहिर को रिहा करवाने के लिए पाकिस्तान ने दबाव बनाया है। भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों की मीडिया ने दोनों घटनाओं में आपसी लिंक होने की आशंका जताई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा जोरों पर है कि क्या अपने गायब अफसर की वजह से दबाव में आए पाकिस्तान ने आनन-फानन में कुलभूषण को फांसी देने की योजना बनाई! 

भारतीय खुफिया एजेंसियां लंबे समय से हबीब की ताक में थीं। हबीब को आखिरी बार नेपाल से सटी भारतीय सीमा के पास लुंबिनी में देखा गया था। अब दोनों देशों की मीडिया में कयास लग रहे हैं कि हबीब की गुमशुदगी और जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने का आपस में ताल्लुक हो सकता है। कहा जा रहा है कि जब पाकिस्तान को यह पता चला कि हबीब भारतीय एजेंसियों की हिरासत में हैं, उसके बाद ही जल्दबाजी में जाधव को सजा-ए-मौत देने का ऐलान किया गया। 

 मेरठ॥ यूपी के मेरठ में आर्मी कैंप के पास से एक संदिग्ध को पकड़ा गया है। क्विक एक्शन टीम ने सेना के कैंप के पास एक संदिग्ध शख्स को गिरफ्तार किया है।

शुरुआती तफ्तीश में पकड़े गए शख्स के पास से कथित तौर पर पाकिस्तान से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं, जिससे उसके मकसद का पता लगाया जा सके। इस बारे में अभी पुलिस की तरफ से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

 

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